‘‘साँवरिया’’ की स्थापना

राजस्थान के भीलवाड़ा शहर के श्री रामनारायण जी लढ़ा एवं श्रीमती लक्ष्मीदेवी लढ़ा के पुत्र श्री कैलाश चन्द्र लढ़ा ने बेसहारा गरीबो और अनाथ व्यक्तियों, एवं निर्धन कन्याओ की हर सम्भव मदद करने के लिये अपने स्वयं की जेबखर्च से 10 प्रतिशत हिस्सा इस कार्य के लिये बचाना शुरू किया और अपने घर की अनुपयोगी वस्तुओ को बेसहारा गरीबो के लिये एकत्र करना शुरू करके की थी जिसे राजस्थान संस्था रजिस्ट्रीकरण अधिनियम, 1958 (राजस्थान अधिनियम संख्या 28, 1958) के अन्तर्गत रजिस्टर्ड क्रमांक 17/भीलवाड़ा/1986-87 से 06 अक्टूम्बर 1986 से पंजीकृत भीलवाड़ा की संस्था: विनय बाल सेवा समिति ने समिति के अन्तर्गत कार्य करने की अनुमति प्रदान की। जिसकी 31-जुलाई 2005 को www.sanwariya.webs.com के नाम से वेबसाईट बनाकर लोगो को प्रेरित करने और ऐसी सोच वाले व्यक्तियों से सम्पर्क बनाना शुरू किया। साँवरिया को कार्यक्षेत्र पूरे भारत में समान रूप से संचालित होगा लेकिन मुख्य कार्यालय विनय बाल सेवा समिति का कार्यालय ही रहेगा।
New Website : www.sanwariya.org

‘‘साँवरिया’’ की कार्यप्रणाली

साँवरिया द्वारा पूरे भारत में कार्य की शुरूवात की जिसके लिये शुरूवात में ‘‘साँवरिया’’ का सहयोग करने के लिये हर सक्षम व्यक्ति आप अपने घर में अनुपयोगी वस्तुऐ, कपड़े, किताबे, दवाईया, मेडिकल उपकरण, पुराने कम्प्यूटर, चश्में, चद्दर, बिस्तर, रजाई, कम्बल, जूते, चप्पल, स्वेटर, जर्सी, बेग, खिलोने, साईकिल आदि सभी प्रकार के एसी अनुपयोगी वस्तुएं जो आपके काम नही आ रही है तो जो आपके काम नही आ रही हो उन्हे फेंके नही बल्कि किसी निराश्रित बेसहारा गरीब के लिये एकत्र किजिये बेसहारा, निर्धन, व अनाथ व्यक्तियों के लिये उपलब्ध कराकर आप बिना पैसे पुण्य कमा सकते है और लाखों निराश्रितों को इससे फायदा मिलेगा और यदि आप सक्षम है या पैसे की मदद कर सकते है तो अपने जेब खर्च या धार्मिक बचत को गरीब निर्धन कन्याओं के विवाह, मरीजो की दवाईयाँ और गौ सेवा के लिये एकत्रित किजिये क्योंकि आपकी छोटी सी मदद किसी गरीब के लिये जीवनोपयोगी साबित हो सकती है और यदि आप ये सब हमे देना चाहते है तो हमसे सम्पर्क किजिये या हम तक पहुँचा दिजिये ताकि साँवरिया द्वारा उपरोक्त कपड़े, किताबे, दवाईया, मेडिकल उपकरण, पुराने कम्प्यूटर, चश्में, चद्दर, बिस्तर, रजाई, कम्बल, जूते, चप्पल, स्वेटर, जर्सी, बेग, खिलोने, साईकिल आदि को उचित बेसहारा निर्धन व्यक्तियों मे वितरीत किया जाता है। और आप इस तरह के काउन्टर अपने घर या क्षेत्र में लगाकर इस पुनीत कार्य में कड़ी बन सकते है। फेसबुक, वाट्सअप, यूट्यूब व सभी सोशियल मीड़िया के माध्यम से इस कार्य मे सभी को माध्यम बनाने मे ज्यादा से ज्यादा सहयोग करे प्रेरित करें।

मानवता की सेवा में समर्पित साँवरिया के सभी उद्देश्यों की पूर्ति करने हेतु साँवरिया द्वारा सरकारी, गैर सरकारी या विदेशी दानदाताओं से अनुदान लेकर यथाशक्ति आवश्यक उपक्रमों की स्थापना की जायेगी। तथा इसमें दानदाताओं से लिया गया दान केवल मात्र उसी कार्य में लगाया जा सकेगा जिस कोष में दानदाता द्वारा दिया जायेगा जैसे साँवरिया में किसी दानदाता द्वारा गौशाला हेतु दिया गया दान केवल गौशाला में ही उपयोग लिया जा सकेगा या जैसे किसी दानदाता द्वारा वृक्षारोपण, कन्या विवाह, रक्तदान, पर्यावरण संरक्षण, अस्पताल, दवाइयों हेतु आदि जिस किसी प्रयोजन से दान किया है उसी कार्य में दानदाता द्वारा दी गई दान की राशि का उपयोग किया जा सकेगा, साँवरिया द्वारा अलग अलग कोष बनाकर एवं साँवरिया द्वारा किसी भी संस्था की सहयोगी संस्था बनकर या सम्बन्ध संस्था बनाकर संयुक्त तत्वावधान में सभी मुख्य उद्देश्यों को पूरा किया जायेगा

‘‘साँवरिया’’ का लक्ष्य

‘‘साँवरिया’’ का लक्ष्य एसे भारत का सपना साकार करना है जहाँ ना गरीबी, ना निरक्षरता, ना आरक्षण, ना असमानता और ना ही भ्रष्टाचार हो। चारो ओर सभी लोग सामाजिक और आर्थिक रूप से सक्षम और विकसित हो । भविष्य मे ‘‘साँवरिया’’ द्वारा निराश्रित/बेरोजगार/बेसहारा अनाथ लोगो के उत्थान/विकास के लिये यथाशक्ति अस्पताल/अनाथाश्रम/विद्यालयों/ गौशाला/अखण्ड भोजनशाला व स्वरोजगार उ़द्योगों की स्थापना करने, पर्यावरण संरक्षण हेतु हरित क्रान्ति, बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ, व बेटीयों को घर बसाने हेतु वृह्द स्तर पर कार्य करने का लक्ष्य है। इसमे सभी से यथाशक्ति सहयोग अपेक्षित है
 
साँवरिया के उद्देश्य:-

साँवरिया के व्यवस्थापक श्री कैलाश चन्द्र लढ़ा के अनुसार कलियुग में पाप तो स्वतः हो जाते हैं पर पुण्य करने के लिये चलाकर प्रयास करने पड़ते है इसलिये
‘‘अपने लिये तो सभी जीते है दूसरो के लिये जीकर देखो’’

गौमाता, राष्ट्र एवं अनाथ बेसहारा व दीन-दुःखियों की सेवा ही सबसे बड़ा पुण्य का काम है इस कलियुग में।

‘‘साँवरिया’’ का मुख्य उद्देश्य सम्पूर्ण भारत में अनाथ, निर्धन बेरोजगार, दीन-दुःखियों, निर्धन कन्याओं असहाय एवं निराश्रितो के उत्थान के लिये यथाशक्ति प्रयास करना है

‘‘साँवरिया’’ के अनुसार यदि भारत का हर सक्षम व्यक्ति अपने बिना जरूरत की वस्तुए, कपड़े, किताबे, दवाईया, मेडिकल उपकरण, पुराने कम्प्यूटर, चश्में, चद्दर, बिस्तर, रजाई, कम्बल, जूते, चप्पल, स्वेटर, जर्सी, बेग, खिलोने, साईकिल आदि सभी प्रकार के एसी अनुपयोगी वस्तुएं जो आपके काम नही आ रही है तो बेसहारा, निर्धन, व अनाथ व्यक्तियों के लिये उपलब्ध कराकर आप बिना पैसे पुण्य कमा सकते है और लाखों निराश्रितों को इससे फायदा मिलेगा

 और अपनी धार्मिक बचत आदि से यदि एक गरीब व्यक्ति का पढाने, रोजगार सीखकर, रोजगार उपलब्ध कराने में सहायता करना शुरू करे तो भारत में गरीबी, निरक्षरता, बेरोजगारी और असमानता को गायब होने में ज्यादा समय नही लगेगा

इसी प्रकार भारत के उच्च परिवारो की जन्मदिन/शादी समारोहो व अन्य कार्यक्रमों में बचे हुये भोजन/पानी की जो अनावश्यक बर्बादी होती है यदि वही भोजन उसी क्षेत्र मे भूखे सोने वाले व्यक्तियों में बांट दिया जाये तो आपकी खुशिंया दुगुनी हो सकती है और आपके इस प्रयास से देश में भुखमरी से मरने वाले लोगो की दुआयें आपको मिलेगी तथा भूखमरी के कारण देश में होने वाली लूटपात/चोरी/डकैती जैसी घटनाओ कम होकर देश मे भाईचारे की व्यवस्था फिर से पनपने लगेगी और एक दिन एसा आयेगा जब देश मे शायद ही कोई भूखा सोयेगा। हर तरफ स्वच्छता, निरोगी काया, शान्ति व सुलभ जीवन यापन होगा।

इसी प्रकार विद्यालयों में पेरेन्ट्स मिटींग में सभी पेरेन्ट्स से स्कूल में सहयोग बैंक बनाकर उसमे पुराने विद्यार्थीयों की स्कूल सामग्री जैसे स्कूल ड्रेस, किताबें, कोपीयां, पेन, पेन्सिल, रबर, शार्पनर, बेग, स्वेटर जर्सी, व अन्य उपकरण, पुरानी साईकिल इत्यादि जो काम नही आ रहे है उन्हे जमा कराये जाये और जिन्हे चाहिये वे उनके लिये निःशुल्क उपलब्ध हो सभी सरकारी व निजी विद्यालयों को इस अभियान में जुड़ना चाहिये

इसी प्रकार गौ सेवा हेतु अपनी अपनी काॅलोनीयों में प्रतिदिन रोटी सब्जी, फलो के छिलके हेतु अलग अलग बाल्टी अथवा टिफिन में एकत्र कर गौमाता हेतु भिजवाया जा सकता है अथवा किसी निर्धन बेरोजगार को इस कार्य के लिये नियुक्त कर पास की गौशाला अथवा गायो हेतु पंहुचाने का कार्य किया जा सकता है

 

साँवरिया के मुख्य उद्देश्य:-

1.    गायो के लिये गौशाला बनवाना

2.    पशु पक्षियों के दाना-पानी, चारे की व्यवस्था करना

3.    पर्यावरण संरक्षण हेतु वृक्षारोपण करना और करवाने को प्रोत्साहन करना

4.    रक्तदान शिविर लगवाना व रक्तदान, नेत्रदान आदि के लिये जागरूक करना

5.    बेसहारा और गरीबो के उत्थान एवं विकास के लिये अच्छे विद्यालय बनवाना

6.    बेसहारा गरीबो को कपडे़, पुस्तके, दवाईया व रोजगार साधन उपलब्ध करवाना

7.    निर्धन कन्याओ के विवाह (कन्यादान) में आर्थिक सहयोग (घर बसाने मे) करवाना

8.    कन्याओ के लिये रोजगार प्रशिक्षण व रोजगार शुरू करने के साधन उपलब्ध करवाना

9.    बेसहारा अनाथ अथवा बेरोजगार व्यक्तियों के लिये स्वरोजगार उद्योगो शुरू करवाना

10.     भूखे को भोजन हेतु 24 घण्टे अखण्ड भोजनशाला की स्थापना करवाना

11.    गरीब बेसहारा निराश्रितो को निःशुल्क उपचार व दवा उपलब्ध करवाना, एम्बूलेन्स आदि सभी कार्यों में साँवरिया अपनी ओर से हर सम्भव मदद करेगा।

12.    रोगी पशु पक्षीयों के उपचार हेतु पशुुुु चिकित्सालय, रोगी पशुवाहन आदि का उपलब्ध कराना।

13.    भविष्य में साँवरिया द्वारा वृद्धाश्रम, अनाथालय, अस्पताल, गौशाला व अखण्ड भोजनशाला  आदि की स्थापना करने का उद्देश्य है

उपरोक्त सभी मानवता की सेवा में समर्पित कार्याें में साँवरिया द्वारा सरकारी, निजी, या विदेशी दानदाताओं से अनुदान लेकर यथाशक्ति आवश्यक उपक्रमों की स्थापना की जायेगी एवं साँवरिया द्वारा किसी भी संस्था की सहयोगी संस्था बनकर या सम्बन्ध संस्था बनाकर संयुक्त तत्वातधान में सभी मुख्य उद्देश्यों को पूरा किया जायेगा

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